Apple ने iPhone में जोड़ा Encrypted RCS Messaging, Google के लिए बड़ी जीत

By sapan
Published On: May 13, 2026
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Apple ने आखिरकार iPhone और Android यूजर्स के बीच भेजे जाने वाले RCS मैसेज के लिए end-to-end encryption (E2EE) सपोर्ट शुरू कर दिया है। यह कदम करीब दो साल बाद आया है, जब Apple ने पहली बार iOS में RCS सपोर्ट जोड़ा था।

इस अपडेट के बाद अब iPhone और Android डिवाइस के बीच भेजे गए मैसेज पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित हो जाएंगे। इस बदलाव से सबसे ज्यादा खुशी शायद Google को हुई है, क्योंकि कंपनी लंबे समय से Apple पर RCS अपनाने का दबाव बना रही थी।

क्या है RCS और क्यों है खास?

RCS यानी Rich Communication Services एक आधुनिक messaging protocol है, जिसे SMS और MMS का बेहतर विकल्प माना जाता है। इसके जरिए यूजर्स:

  • High-quality फोटो और वीडियो भेज सकते हैं
  • Read receipts देख सकते हैं
  • Typing indicators इस्तेमाल कर सकते हैं
  • बेहतर group chats का अनुभव पा सकते हैं

अब इसमें end-to-end encryption जुड़ने से मैसेजिंग और ज्यादा सुरक्षित हो गई है।

iPhone और Android के बीच अब मिलेगा Encryption

Apple और Google ने मिलकर cross-industry effort के तहत RCS encryption को लागू किया है।

End-to-end encryption का मतलब है कि केवल sender और receiver ही मैसेज पढ़ सकते हैं। बीच में कोई तीसरा व्यक्ति या कंपनी मैसेज को access नहीं कर सकती।

Encrypted chats में users को lock icon दिखाई देगा, जिससे पता चलेगा कि बातचीत सुरक्षित है।

क्या अभी इस्तेमाल कर सकते हैं?

फिलहाल encrypted RCS messaging beta phase में है। Apple के अनुसार यह फीचर:

  • iOS 26.5 पर उपलब्ध है
  • Supported carriers के साथ काम करेगा

भारत में Reliance Jio iPhone के लिए RCS सपोर्ट देता है।

Android यूजर्स को encrypted RCS के लिए Google Messages का लेटेस्ट वर्जन इस्तेमाल करना होगा।

Google इतने समय से क्यों चाहता था RCS सपोर्ट?

सालों तक iPhone और Android के बीच messaging experience काफी खराब माना जाता था।

समस्याएं जैसे:

  • Group chats टूट जाना
  • Low-quality फोटो और वीडियो
  • Read receipts का सही से काम न करना
  • Reactions में दिक्कत

काफी आम थीं।

इसी वजह से Google ने 2022 में #GetTheMessage नाम से बड़ा campaign चलाया था, जिसमें Apple से RCS अपनाने की मांग की गई थी।

Apple ने 2024 में RCS सपोर्ट तो जोड़ दिया था, लेकिन तब encryption उपलब्ध नहीं था। अब जाकर यह बड़ा फीचर आया है।

Green Bubble vs Blue Bubble विवाद अभी भी जारी

हालांकि encryption आने के बाद भी iPhone और Android के बीच classic “green bubble vs blue bubble” अंतर खत्म नहीं हुआ है।

  • iMessage chats अब भी blue bubble में दिखाई देती हैं
  • Android users के messages green bubble में दिखते हैं

हालांकि Google का कहना है कि यह बहस अब पुरानी हो चुकी है और फोकस बेहतर messaging experience पर होना चाहिए।

भारत में किन ब्रांड्स ने बढ़ाई स्मार्टफोन कीमतें?

हाल के महीनों में Apple, Samsung और कई अन्य स्मार्टफोन कंपनियों ने भारत में कुछ मॉडलों की कीमतों में बढ़ोतरी की है। इसकी मुख्य वजह बढ़ती component cost, import duties और premium AI features माने जा रहे हैं।

निष्कर्ष

Apple द्वारा encrypted RCS messaging जोड़ना iPhone और Android यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे दोनों प्लेटफॉर्म के बीच messaging experience पहले से ज्यादा सुरक्षित, आधुनिक और सहज हो जाएगा।

यह कदम दिखाता है कि अब टेक कंपनियां closed ecosystems की बजाय बेहतर cross-platform communication पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं।

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